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अधिवक्ता शिवा वर्मा की पैरवी से पीड़ित पिता को मिली न्याय की उम्मीद


4 साल तक FIR नहीं हुई दर्ज, कोर्ट के आदेश पर अब होगा मुकदमा;

देहरादून। करीब चार वर्षों तक पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने के बाद आखिरकार पीड़ित पक्ष को न्याय की उम्मीद जगी है। देहरादून की अदालत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 175(3) के तहत मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस को विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

मामला वर्ष 2022 की एक सड़क दुर्घटना से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज में कथित लापरवाही के कारण उसकी मृत्यु हो गई। आरोप है कि घटना के बाद लगातार प्रयासों के बावजूद चार वर्षों तक पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। इसके बाद पीड़ित पिता ने न्यायालय की शरण ली।

पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता शिवा वर्मा ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। उनकी कानूनी पहल के बाद अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

अदालत के इस आदेश के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। अब पुलिस न्यायालय के निर्देशों के अनुसार मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई करेगी।


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